Internet Cookies कैसे काम करती है?

इंटरनेट कुकीज़ एक प्रकार की फाइलें होती है, जिसमे यूजर का ब्राउज़र डेटा जैसे; नाम, सर्च कीवर्ड, पता, मोबाइल नंबर, आदि सेव होता है, उसी के अनुसार रिजल्ट दिखाया जाता है

Internet Cookies आमतौर पर user के वेब ब्राउज़र में save की जाती हैं और जब भी user उस वेबसाइट पर फिर से जाता है तो उसे उस वेबसाइड पर पहले से सच किए गए टॉपिक को भी दिखा। 

Internet Cookies एक छोटी टेक्स्ट फ़ाइल होती है, इन फाइलो को वेबसाइट या ब्राउज़र के द्वारा User के डिवाइस पर स्टोर किया जाता है जब User किसी भी साइट पर जाता हैं। 

Internet Cookies क्या है? 

– इससे हम अपने ब्राउज़र की पुरानी हिस्ट्री को देख सकते हैं। – इससे किसी एक टेक्स्ट या जानकारी को बार-बार लिखने की जरूरत नहीं पड़ती।

Internet Cookies के फायदे

– कुकीज की वजह से हमारा इंटरनेट भी कम खर्च होता है। – वेबसाइट दोबारा बहुत ही जल्दी ओपन होती है। – इन फाइलों में सेव जानकारी अपने आप कुछ ही समय में हट जाती है।

– Cookies की जानकारी के अनुसार हमें एक ही प्रकार के Ads बार-बार दिखाई देते हैं। – कुछ मामलों में इससे हमारे टाइम की बर्बादी होती है।

Internet Cookies के नुकसान

आमतौर पर इंटरनेट Cookies दो कितने प्रकार की होती है- – Magic Cookie – HTTP Cookie

Internet Cookies के प्रकार

– Session Management करने के लिये। – Personalization करने के लिये। – Trackingकरने के लिये।

Internet Cookies का उपयोग क्‍या हैं?

कुकीज़ के द्वारा प्राइवेसी लीक होने से बचाने के लिये Cookies को समय-समय पर अपने Device जैसे; कंप्यूटर, मोबाइल आदि से डिलीट करते रहना चाहिए।