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कंप्यूटर क्या है इन हिंदी

computer kya hai in hindi

इस वर्तमान समय में कंप्यूटर हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है, जिसके बिना शायद अब जीवन संभव ही नहीं होगा अब कंप्यूटर के बिना कोई भी काम करना असंभव लगता है कंप्यूटर आधुनिक समाज की आवश्यकता बन गया है।

कंप्यूटर का उपयोग विभिन्न क्षेत्रों जैसे:- “सरकारी संस्थानों”, “व्यावसायिक संस्थानों” और “स्कूलों”, “अस्पतालों” आदि में कई तरीकों से किया जानेे लगा है कंप्यूटर के उपयोग से हम “गणना” भी कर सकते हैं और हम अपनेे किसी भी “रिकॉर्ड” को लंबे समय तक संरक्षित भी रख सकते हैं|

कंप्यूटर क्या है इन हिंदी

कंप्यूटर शब्द की उत्पत्ती “लैटिन भाषा” के “कम्पुट” शब्द से हुई है। जिसका मतलब है गणना करना। कंप्यूटर कुछ ही समय में पूर्ण शुद्धता के साथ सैकड़ों आंकड़ों की गणना कर सकता है, और इन सैकड़ों आंकड़ों को व्यवस्थित और नियंत्रित भी कर सकता है

कंप्यूटर एक ऐसी Machine है, जो गणना करने में हमारी सहायता करती है, इसलिए इसे संगणक भी कहा जाता है लेकिन हम लोग प्रायः इसे बोलचाल की भाषा में कंप्यूटर के नाम से ही संबोधित करते हैं ना कि संगणक के नाम से

क्योंकि वर्तमान समय मैं इसका कार्य क्षेत्र बहुत अधिक विस्तृत और व्यापक हो चुका है इसकी क्षमताओं और विशेषताओं को देखकर इसका नाम कंप्यूटर ही प्रचलित हो

कंप्यूटर को एक गणना करने वाली Machine कहना गलत है क्योंकि कंप्यूटर गणना करने के साथ-साथ सैकड़ों और भी विभिन्न कार्य करता है

जैसे:- अगर हम किसी लेखक या Typist से पूछते हैं कि कंप्यूटर क्या है? तो शायद वह कहे कि कंप्यूटर एक “टाइपिंग मशीन” है | और अगर हम किसी Game खेलने या बनाने वाले से पूछते हैं कि कंप्यूटर क्या है? तो शायद वह यह कहे कि कंप्यूटर एक “गेम मशीन” है, जिससे हम Game खेल या बना सकते हैं |

कंप्यूटर की परिभाषा हिंदी में

“कंप्यूटर एक Electronic Device जो Data को प्राप्त करके प्रोसेस करता है। तथा Data को संग्रहित अथवा प्रदर्शित करने की क्षमता रखता है। कंप्यूटर Hardware और Software का एक ऐसा संयोजन है, जो इनपुट Data को सूचना में परिवर्तित करके आउटपुट के रूप में प्रदान करता है।”

  • (1) उपयोगकर्ता द्वारा दिए गए Data को ग्रहण करता है
  • (2) Input Data को स्टोर एवं निर्देशकों को क्रियान्वित करता है |
  • (3) गणितीय एवं तार्किक कार्य करता है |
  • (5) उपयोगकर्ताओं को आवश्यकतानुसार परिणामों का Output देता है
-: इसे भी जाने :-
क्या आपको पता ही होगा कि “चार्ल्स बैबेज” को कंप्यूटर का जनक माना जाता है  इन्होने सन 1833 में एनालिटकल इंजन (Analytical Engine) का आविष्कार किया था, यह एनालिटकल इंजन आधुनिक कम्प्यूटर के आधार पर बना था, इसी कारण “चार्ल्स बैबेज” को “Father of कंप्यूटर ” की उपाधी से सम्मानित किया गया

कंप्यूटर का फुल फॉर्म हिंदी में

कंप्यूटर एक उपयोगी मशीन होने के कारण आज तक कोई भी इसे एक परिभाषा में बांध नहीं पाया है | इसी तरह कंप्यूटर का Full Form भी चर्चित में है जिस प्रकार कंप्यूटर को एक परिभाषा में बांधा नहीं जा सका है

उसी तरह कंप्यूटर का Full Form भी अलग-अलग संस्था और लोगों ने अपने अनुभव के आधार पर भिन्न-भिन्न व्याख्या की है

  • C :- Commonly ( आम तौर पर )
  • O :- Operated ( संचालित )
  • M :- Machine ( मशीन )
  • P :- Particularly ( विशेष रूप से )
  • U :- Used ( प्रयुक्त )
  • T :- Technical ( तकनीकी )
  • E :- Educational ( शैक्षणिक )
  • R :- Research ( अनुसंधान , खोज )

कम्प्यूटर के भाग

कम्प्यूटर के प्रमुख भाग निम्नलिखित हैं—

  1. इनपुट यूनिट
  2. सेण्ट्रल प्रोसेसिंग यूनिट
  3. आउटपुट यूनिट

1). इनपुट यूनिट

कम्प्यूटर का मुख्य कार्य डेटा प्रोसेस करना है, जिसे करने के लिए उसे वह डेटा चाहिए जिस पर प्रोसेसिंग होनी है, उसे हम इनपुट डेटा कहते हैं । कम्प्यूटर तक इनपुट डेटा पहुँचाने का कार्य इनपुट यूनिट करती है । इस प्रकार से इनपुट यूनिट कम्प्यूटर, प्रयोगकर्त्ता और कम्प्यूटर हार्डवेयर के बीच की प्रथम कड़ी है ।

इनपुट यूनिट के अन्तर्गत ऐसी युक्तियों को रखा जाता है जो कि डेटा इनपुट लेने का कार्य करती हैं; जैसे—की-बोर्ड, स्कैनर, माउस, जॉयस्टिक, वेब कैमरा आदि।

इनपुट यूनिट निम्नलिखित तीन कार्यों को सम्पादित करती है

  • प्रयोगकर्त्ता से डेटा ग्रहण करती है।
  • डेटा को इलेक्ट्रॉनिक सिग्नल में परिवर्तित करती है।
  • परिवर्तित डेटा को सेण्ट्रल प्रोसेसिंग यूनिट तक पहुँचाती है।
  • की-बोर्ड :- यह मुख्य इनपुट डिवाइस है। इस युक्ति से डेटा को टाइप करके अक्षरों ( 1, 2, 3, A, B, C, .) की शृंखला को इनपुट कराया जा सकता है।
  • इमेज स्कैनर : यह स्थिर चित्र को ग्रहण करता है। लेजर बीम स्कैनर यह बार कोड को ग्रहण करता है।
  • माउस : यह स्क्रीन पर कर्सर की स्थिति सैट करने एवं कमाण्ड को क्रियान्वित करने के काम आता है। इसके द्वारा हम कम्प्यूटर में प्रयुक्त किये गये साफ्टवेयर्स के विभिन्न विकल्पों को शीघ्रता से नियन्त्रित कर सकते हैं।
  • लाइट पैन : लाइट पैन कम्प्यूटर से एक तार की सहायता से यह कम्प्यूटर स्क्रीन पर चित्र बनाने के काम आता है।
  • जॉयस्टिक : यह कम्प्यूटर गेम खेलने के काम आता है। इसके द्वारा गेम का संचालन किया जाता है।
  • वेब कैमरा : यह चलचित्र ग्रहण करने के काम आता है। उपर्युक्त युक्तियों के अतिरिक्त प्रयोग होने वाली प्रमुख इनपुट युक्तियों में पंचकार्ड, चुम्बकीय इंक, कैरेक्टर रीडर, माइक्रोफोन, ऑप्टिकल कैरेक्टर रीडर, चुम्बकीय टेप आदि हैं।

(2) सेण्ट्रल प्रोसेसिंग यूनिट

सेण्ट्रल प्रोसेसिंग यूनिट, (C.P.U.) कम्प्यूटर सिस्टम की सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण इकाई है । सेण्ट्रल प्रोसेसिंग यूनिट का प्रमुख कार्य इनपुट यूनिट से डेटा ग्रहण कर उसे संग्रहित करना, स्टोरेज यूनिट में संग्रहित डेटा एवं निर्देशों को पढ़ना, निर्देशों को क्रियान्वित करना, डेटा प्रोसेस करना, प्राप्त डेटा को आउटपुट यूनिट प्रदान करना, कम्प्यूटर द्वारा की जा रही प्रत्येक गतिविधि एवं प्रत्येक ऑपरेशन पर नियन्त्रण रखना तथा कम्प्यूटर सिस्टम के सभी भागों और उससे जुड़ी सभी हार्डवेयर युक्तियों का संचालन करना है।

तीन भागों में विभाजित किया गया है-

  • अर्थमैटिक लॉजिक यूनिट
  • कण्ट्रोल यूनिट
  • मैमोरी यूनिट
  • अर्थमैटिक लॉजिक यूनिट :- अर्थमैटिक लॉजिक यूनिट को संक्षेप में ए० एल० यू० (ALU) भी कहा जाता है। सेण्ट्रल प्रोसेसिंग यूनिट के इस भाग का कार्य डेटा पर गणितीय एवं तार्किक क्रियाएँ करना है । इसके द्वारा किए जाने वाले प्रमुख गणितीय ऑपरेशन +, -, *,, हैं तथा प्रमुख तार्किक ऑपरेशन < (less than), > (greater than), = (equal to), ≠ (not equal to) आदि हैं।
  • कण्ट्रोल यूनिट :- कण्ट्रोल यूनिट को संक्षेप में सी० यू० भी कहा है। कम्प्यूटर सिस्टम द्वारा की जा रही सभी गतिविधियों एवं उसके हार्डवेयर अंगों का संचालन और नियन्त्रण, इसी भाग द्वारा किया जाता है।
  • मैमोरी (Memory) :- सेण्ट्रल प्रोसेसिंग यूानेट के अन्दर कुछ तीव्र गति तथा कम डेटा भण्डारण क्षमता के मैमोरी कोष्ठ होते हैं जिनका प्रयोग सेण्ट्रल प्रोसेसिंग यूनिट डेटा प्रोसेसिंग के दौरान बीच-बीच में प्राप्त होने वाले माध्यमिक तथा अस्थायी परिणामों एवं डेटा आइटम को कुछ समय के लिए संग्रहित करने का कार्य करता है;

जैसे—’2+3+4′ ऑपरेशन में अन्तिम आउटपुट तो 9 होगा, लेकिन पहले 2+3 का माध्यमिक परिणाम 5 प्राप्त होगा, जिसे मैमोरी में स्टोर किया जाएगा। फिर सेण्ट्रल प्रोसेसिंग यूनिट 5+4 को जोड़कर 9 आउटपुट देगा ।

डेटा को संग्रहित करने की क्षमता के आधार पर मेमोरी को निम्नलिखित दो भागों में विभाजित किया जा सकता है

  • प्राइमरी मेमोरी
  • सेकेंडरी मेमोरी

प्राथमिक स्मृति भी दो प्रकार की होती है

1). प्राइमरी मेमोरी :– इस प्रकार की स्मृति में ऐसा डेटा रखा जाता है जो कि वर्तमान में प्रोसेसिंग के लिए प्रयोग किया जा रहा है। सेण्ट्रल प्रोसेसिंग यूनिट प्रोसेसिंग के समय प्राथमिक स्मृति से ही डेटा को प्राप्त एवं संग्रहित करता है। इसकी डेटा भण्डारण क्षमता कम होती है लेकिन इसकी गति बहुत तेज होती है अर्थात् इसमें संग्रहित डेटा को प्राप्त करने एवं डेटा को इसमें संग्रहित करने में सेण्ट्रल प्रोसेसिंग यूनिट को बहुत कम समय लगता है।

  • रैम
  • रोम

रैम :- रैम, जिसका पूरा नाम रैण्डम ऐक्सेस मैमोरी है, में डेटा अस्थायी रूप में संग्रहित होता है। कम्प्यूटर को इलेक्ट्रिक सप्लाई रोक है दिए जाने पर, उसे बन्द कर देने पर अथवा कम्प्यूटर के फेल हो जाने की स्थिति में रैम में संग्रहित डेटा नष्ट हो जाता है।

रोम :-रोम का पूरा नाम रीड ओनली मैमोरी है। रोम ऐसी स्मृति है जिसे सिर्फ पढ़ा जा सकता है, लेकिन उसे नष्ट अथवा परिवर्तित नहीं किया जा सकता है। इसलिए रोम का प्रयोग ऐसे अति आवश्यक एवं महत्त्वपूर्ण डेटा एवं निर्देशों को संग्रहित करने के लिए किया जाता है जिसे कोई भी नष्ट न कर सके ।

2). सेकेंडरी मेमोरी :- द्वितीयक स्मृति में डेटा को स्थाई तौर पर संग्रहित किया जा सकता है। कम्प्यूटर बन्द करने अथवा कम्प्यूटर फेल हो जाने पर भी इसमे संग्रहित डेटा नष्ट नहीं होता है। इसमें डेटा को दीर्घकाल तक संग्रहित किया जा सकता है प्रयोगकर्त्ता जब चाहे द्वितीयक स्मृति से डेटा प्राप्त कर सकता है और जब चाहे उसे नष्ट अथवा परिवर्तित कर सकता है।

आउटपुट यूनिट

आउटपुट यूनिट का कार्य इनपुट से विपरीत है। इनपुट इकाई प्रयोगकर्त्ता से डेटा ग्रहण कर कम्प्यूटर को देती है, जबकि आउटपुट इकाई कम्प्यूटर से प्राप्त डेटा प्रयोगकर्त्ता को प्रदान करती है।

सेण्ट्रल प्रोसेसिंग यूनिट डेटा को प्रोसेस करता है और जो भी आउटपुट डेटा या परिणाम प्रोसेसिंग के पश्चात् प्राप्त होते हैं, उन्हें आउटपुट यूनिट को भेज देता है।

अब उस आउटपुट डेटा को प्रयोगकर्त्ता तक पहुँचाने की जिम्मेदारी आउटपुट यूनिट की होती है। इस जिम्मेदारी को पूर्ण करने के लिए आउटपुट यूनिट में अनेक आउटपुट युक्तियाँ आती हैं।

प्रत्येक कम्प्यूटर की आउटपुट यूनिट में एक या अधिक आउटपुट युक्तियाँ होती हैं। जो सेण्ट्रल प्रोसेसिंग यूनिट से मशीनी भाषा अर्थात् इलेक्ट्रॉनिक सिग्नल या डिजिटल सिग्नल के रूप में डेटा ग्रहण करती हैं। और उस डेटा को उसके वास्तविक स्वरूप; जैसे चित्र, लेख, आवाज आदि में परिवर्तित कर प्रयोगकर्त्ता को प्रदान करती हैं।

आउटपट यनिट के प्रमुख कार्य निम्नलिखित हैं
  • सेण्ट्रल प्रोसेसिंग यूनिट से आउटपुट डेटा ग्रहण करता है।
  • प्राप्त आउटपुट डेटा को मशीनी भाषा से मानव द्वारा समझे जा सकने वाले स्वरूप में परिवर्तित करता है।
  • परिवर्तित डेटा को प्रयोगकर्ता को प्रदान करता है।

आजकल कम्प्यूटर के साथ सर्वाधिक प्रचलित आउटपुट युक्तियों में से प्रमुख निम्नलिखित हैं-

मॉनीटर :-इसे कम्प्यूटर स्क्रीन अथवा विजुअल डिस्प्ले यूनिट भी कहा जाता है। देखने में यह एक टेलीविजन की भाँति होता है । इस पर आप ऐसे ही डेटा को देख सकते हैं, जैसे कि टी० वी० पर कोई चित्र या चलचित्र देखते हैं

मॉनीटर मुख्यत: दो प्रकार के होते हैं

  • रंगीन मॉनीटर
  • श्वेत-श्याम मॉनीटर

प्रिण्टर :- यह आउटपुट डेटा को पेपर पर प्रिण्ट करके प्रयोगकर्त्ता तक पहुँचाता है । प्रिण्टर कई प्रकार के होते हैं; जैसे—डॉट मैट्रिक्स प्रिंटर, इंकजेट प्रिंटर, लेजर प्रिंटर, लाइन प्रिंटर आदि ।

प्लोटर (Plotter) :- यह भी आउटपुट डेटा को पेपर पर प्रिण्ट करके प्रस्तुत करता है। (iv) स्पीकर : इसका प्रयोग ऑडियो डेटा (ध्वनि, आवाज, संगीत) को सुनने के लिए किया जाता है । इसके अतिरिक्त माइक्रोफिल्म, चुम्बकीय टेप, फ्लॉपी आदि मुख आउटपुट युक्तियाँ हैं ।

कंप्यूटर का उपयोग कहाँ-कहाँ हो रहा है?

दोस्तों अब हम जानत लेते हैं की कंप्यूटर का उपयोग कहाँ-कहाँ पर और किन-किन क्षेत्रों हो रहा है?

  1. बिजनेस या व्यवसाय के क्षेत्र में कंप्यूटर का उपयोग
  2. शिक्षा के क्षेत्र में कंप्यूटर का उपयोग
  3. विज्ञान के क्षेत्र में कंप्यूटर का उपयोग
  4. मेडिकल के क्षेत्र में कंप्यूटर का उपयोग
  5. रक्षा के क्षेत्र में कंप्यूटर का उपयोग
  6. खेल के क्षेत्र में कंप्यूटर का उपयोग
  7. मनोरंजन में कंप्यूटर का उपयोग
  8. बैंक के क्षेत्र में कंप्यूटर का उपयोग

1. व्यवसाय में कंप्यूटर का उपयोग

आजकल सभी लोग अपने व्यवसाय को बढ़ाने के लिए कंप्यूटर इंटरनेट का उपयोग कर रहे हैं जिससे उनका व्यवसाय पूरी दुनिया में फैल सके और सभी लोगों तक आसानी से पहुंच सके जो काम पहले लोगों के द्वारा संभव नहीं था वह काम अब हम कंप्यूटर के माध्यम से बहुत ही तीव्रता और जल्दी से कर सकते हैं

2. शिक्षा के क्षेत्र में कंप्यूटर का उपयोग

शिक्षा के क्षेत्र में कंप्यूटर के उपयोग से शिक्षा का स्तर बढ़ गया है शिक्षा हमारे लिए सरल उपयोगी और बहुत ही आसान हो गई है शिक्षा के क्षेत्र में कंप्यूटर और इंटरनेट आ जाने के कारण छात्रों को कोई भी जानकारी बहुत ही आसानी और बहुत ही जल्दी से सही जानकारी मिल जाती है

3. विज्ञान के क्षेत्र में कंप्यूटर का उपयोग

कंप्यूटर विज्ञान का एक जीता जागता रूप है कंप्यूटर के द्वारा वैज्ञानिकों विज्ञान के क्षेत्र में बहुत ज्यादा प्रगतिशील हो गए हैं वैज्ञानिक अपने तरह तरह के प्रयोगों के लिए कंप्यूटर का उपयोग करते हैं, वैज्ञानिकों को कंप्यूटर के द्वारा किसी भी चीज के बारे में रिसर्च करने में बहुत आसानी मिलती है

4. मेडिकल के क्षेत्र में कंप्यूटर का उपयोग

चिकित्सा तथा स्वास्थ्य क्षेत्र में कंप्यूटर एक वरदान है क्योंकि कंप्यूटर में स्वास्थ्य चिकित्सा को एक नई दिशा प्रदान की है क्योंकि अब बहुत सी बीमारियों का इलाज कंप्यूटर के द्वारा संभव हो रहा है जो शायद कंप्यूटर के बिना संभव ही नहीं था

5. रक्षा के क्षेत्र में कंप्यूटर का उपयोग

रक्षा के क्षेत्र में शुरू से ही कंप्यूटर का इस्तेमाल किया जा रहा है। सबसे पहला कंप्यूटर नेटवर्क रक्षा के लिए ही तैयार किया गया था। कंप्यूटर के द्वारा बड़ी बड़ी मिसाइलो का परिक्षण किया जाता हैं। और अब आजकल तो कंप्यूटर के द्वारा परमाणु बम का भी परिक्षण होता है।

6. खेल के क्षेत्र में कंप्यूटर का उपयोग

खेल के बारे में हमें तरह-तरह के इनफार्मेशन कंप्यूटर के माध्यम से आसानी से मिल जाते हैं कंप्यूटर के द्वारा इनफार्मेशन को रिकॉर्ड करके खेल के संचालन में तेजी ला दी गई और इंफॉर्मेशन को एक जगह से दूसरी जगह पर बहुत आसानी से भेजा जा रहा है

7. मनोरंजन में कंप्यूटर का उपयोग

कंप्यूटर का इस्तेमाल मनोरंजन के क्षेत्र में बहुत ज्यादा हो रहा है जैसे  वीडियो देखने में, गेम खेलने में, या फिर विडियो का एनीमेशन क्रिएट करने में कंप्यूटर का बहुत ही ज्यादा उपयोग हो रहा है

8. बैंक के क्षेत्र में कंप्यूटर का उपयोग

बैंक के क्षेत्र में कंप्यूटर का बहुत बड़ा योगदान है कंप्यूटर के बिना बैंक में काम करना असंभव है बैंकिंग क्षेत्र में कंप्यूटर का इस्तेमाल अपने कस्टमर का रिकॉर्ड रखने के लिए किया जाता है| तरह तरह के बैंकिंग रिकॉर्ड रखने के लिए तरह तरह के कंप्यूटर का इस्तेमाल किया जाता है

कंप्यूटर की विशेषताएं और विशिष्ट गुण हिंदी में

कंप्यूटर हमारे जीवन में एक विशेष भूमिका निभा रहा है, यह बहुत से कार्य आसानी से कर देता है और इसके गुणों को देखते हुए कंप्यूटर की कुछ विशेषताएं निम्नलिखित है

1 :- गति

कंप्यूटर एक बहुत तेजी से कार्य करने वाली मशीन है कंप्यूटर कुछ गतिविधियां कुछ ही सेकण्ड्स में कर देता है, जिसे एक व्यक्ति को करने के लिए सालों लग सकते हैं

कंप्यूटर की स्पीड को मापने के लिए सेकण्ड्स के अतिरिक्त माइक्रो सेकंड (10–6) या नैनोसेकंड(10-9) या पिकोसैकण्ड (10-12) इकाई का उपयोग किया जाता है

2 :- शुद्धता

यदि कंप्यूटर प्रयोगकर्ता द्वारा सही डाटा तथा सही निर्देश दिए जाएं तो कंप्यूटर द्वारा दिया गया परिणाम सत प्रतिशत शुद्ध होगा आजकल कंप्यूटर इस प्रकार बनाए जा रहे हैं, कि साधारण त्रुटियों को वे स्वयं ही ढूंढ कर ठीक कर सकते हैं शुद्धता कंप्यूटर का एक सर्वाधिक महत्वपूर्ण गुण है

3 :- कार्य के प्रति समर्पण और परिश्रमी

कंप्यूटर एक थकान मुक्त और मेहनती मशीन हैं कंप्यूटर अपने कार्यों के प्रति समर्पित रहता है, कंप्यूटर बिना रुके बिना विश्राम किए समान गति से निरंतर कार्य करता रहता है

4 :- तीव्र मेमोरी

कंप्यूटर की मेमोरी बहुत अधिक होती है किसी कार्यालय में अनेक प्रकार की फाइल्स होती हैं, जिन्हें सुरक्षित व व्यवस्थित रखना बहुत कठिन होता है लेकिन कंप्यूटर द्वारा कार्यालय की सभी फाइल्स की जानकारी सुरक्षित रख सकते हैं कंप्यूटर में रखी गई जानकारी से एक आवश्यक जानकारी ढूंढना अत्यधिक सरल होता है

5 :- मनुष्य के निर्देशों का पालन

कंप्यूटर एक मशीन है, जिसके पास अपनी कोई सोचने समझने की शक्ति नहीं है कंप्यूटर सिर्फ वही कार्य करता है जो उसे प्रयोगकर्ता द्वारा दिए जाते हैं हम कंप्यूटर को कार्य करने के लिए जो कमांड देते हैं, कंप्यूटर उन्हीं कार्यों को करता है, तथा हमारे द्वारा दिए गए कमांडो का पालन करता है

6 :- विश्वसनीयता

कंप्यूटर एक भरोसेमंद और विश्वसनीय मशीन है कंप्यूटर किसी भी कंपनी का सभी काम विश्वसनीय रूप से करता है किसी भी कंपनी की अतिगोपनीय जानकारी को सुरक्षित रखने के लिए कंप्यूटर एक सर्वोत्तम स्थान है किसी भी कंपनी के कर्मचारी अतिगोपनीय जानकारी को लीक कर सकते हैं, लेकिन कंप्यूटर स्वयं ऐसा नहीं कर सकता है

7 :- स्वचालित

कंप्यूटर एक स्वचालित मशीन है, जो अपने कार्य लगभग शौचालय लोक में से करता है कंप्यूटर से कार्य करने के लिए हमें कुछ ही निर्देश देने होते हैं आगे की कार्य विधि के के संचालन का निर्धारण वह स्वयं ही स्वचालित करता है

8 :- स्टोरेज क्षमता

कंप्यूटर की संग्रहण क्षमता भी बहुत अधिक होती है कंप्यूटर एक समय में एक से अधिक सूचना का संग्रहण कर सकता है कंप्यूटर में डाटा को संग्रहित करने के लिए विभिन्न प्रकार के डिवाइसेज जैसे:- हार्ड डिस्क, फ्लॉपी डिस्क, सी. डी. ड्राइव आदि का प्रयोग किया जाता है

कंप्यूटर की संग्रहण क्षमता को नापने के लिए अनेक मानक इकाइयों का प्रयोग किया जाता है यह इकाइयां इस प्रकार हैं :-

  • 1 Byte = 8 Bits
  • 1 Kilo Byte = 1024 Bytes
  • 1 Mega Byte = 1024 Kilo Bytes
  • 1 Giga Byte = 1024 Mega Bytes

आँकड़ों के संग्रह के उपकरण या युक्तियाँ

आँकड़ों को संग्रहित करने के लिए अनेक युक्तियाँ प्रयोग में लायी जाती हैं। इनमें से प्रमुख निम्नलिखित हैं

(1) चुम्बकीय टेप

यह देखने में एक बड़ी कैसेट की भाँति होती है । एक कैसेट पर सैकड़ों फीट लम्बी रील या चुम्बकीय टेप चढ़ी होती है जिस पर आयरन ऑक्साइड लगा रहता है। इस पर डेटा रीड/राइट ऑपरेशन करने के लिए कम्प्यूटर सिस्टम में चुम्बकीय टेप ड्राइव नामक युक्ति लगी होती है।

(2) फ्लॉपी डिस्क

फ्लॉपी डिस्क अत्यधिक प्रचलित डेटा भण्डारण युक्ति है। यह पतली लचीली प्लास्टिक की वृत्ताकार प्लेट होती है। ये डेटा भण्डारण क्षमता तथा आकार में भिन्न-भिन्न होती हैं।

जैसे 85½ इंच परिधि की डिस्क, 3½ इंच परिधि की डिस्क आदि । इनकी डेटा भण्डारण क्षमता 1 MB से लेकर 1.44 MB तक होती है। इस पर डेटा रीड / राइट करने के लिए कम्प्यूटर में फ्लॉपी ड्राइव नामक युक्ति का होना आवश्यक है।

(3) हार्ड डिस्क

हार्ड डिस्क की डेटा भण्डारण क्षमता बहुत अधिक होती है। यह कम्प्यूटर बॉक्स के अन्दर लगायी जाती है। यह आकार में बड़ी, बेलनाकार और भारी होती है। इसे फ्लॉपी डिस्क तथा कॉम्पैक्ट डिस्क की भाँति आसानी से इधर-उधर नहीं लाया ले जाया जा सकता। यह एक प्रकार से कम्प्यूटर की स्थायी डेटा स्टोरेज युक्ति होती है ।

(4) कॉम्पैक्ट डिस्क

इसे ऑप्टिकल डिस्क या सी० डी० रोम भी कहते है। यह वजन में बहुत हल्की, पतली और वृत्ताकार होती है। एक स्टैण्डर्ड सी० डी० 6 सेमी० त्रिज्या की होती है। जिसकी डेटा भण्डारण क्षमता 660 MB अथवा अधिक होती है।

कंप्यूटर की सीमाएं हिंदी में

कंप्यूटर एक ऐसी मशीन है, जिस की कुछ सीमाएं होती हैं जिनके बाहर वह ना तो अभी तक कार्य कर पाया है, और ना ही कर पाएगा कंप्यूटर की कुछ सीमाएं निम्नलिखित हैं आइए हम जानते हैं, कि कंप्यूटर की क्या-क्या सीमाएं हैं ?

1 :- बुद्धिमता की कमी

कंप्यूटर एक मशीन है यह बुद्धिहीन है उसके पास मनुष्य के समान बुद्धिमता नहीं है अगर हम कंप्यूटर को गलत कमांड्स देते हैं, या गलत कार्य करने को कहते हैं तो कंप्यूटर उसे भी करता है उसके पास या सोचने की शक्ति नहीं है, या सही है कंप्यूटर केवल यूजर द्वारा दिये गये निर्देशों का पालन करता हैं

2 :- स्वयं की रक्षा करने में असक्षम

कम्प्यूटर स्वयं की रक्षा नहीं कर सकता वह स्वयं की रक्षा करने में बिल्कुल भी सक्षम नहीं है जैसे :- अगर हम कम्प्यूटर में पासवर्ड डालते हैं और यदि वह पासवर्ड आपका कोई फ्रेंड पता कर लेता है और वह उस पासवर्ड से कम्प्यूटर को खोलने की कोशिश करता है तो कम्प्यूटर या नहीं जानता कि वह कम्प्यूटर हम खोल रहे हैं, या फिर कोई और वह अपनी रक्षा करने में असक्षम है

3 :- विद्युत पर निर्भरता

कंप्यूटर एक ऐसी मशीन है, जिसे कार्य करने के लिए विद्युत की आवश्यकता होती है विद्युत के बिना कंप्यूटर कोई कार्य नहीं कर सकता और कंप्यूटर एक धात के डिब्बे के समान ही होता है इससे ज्यादा कुछ नहीं अगर हम कंप्यूटर को विद्युत प्रदान ना करें

4 :- वायरस से खतरा

कम्प्यूटर में हमेशा वायरस आने का खतरा बना रहता है कम्प्यूटर में वायरस आने से बचाने के लिए कम कम्प्यूटर में एंटीवायरस का प्रयोग करते हैं जिससे वायरस आने का खतरा नहीं रहता है और यदि हमारे कम्प्यूटर में वायरस आ गया तो इससे हमारे कंप्यूटर और कम्प्यूटर में उपस्थित सभी फाइल्स के डाटा को नुकसान पहुंचता है

5 :- निर्णय लेने में कमी

कम्प्यूटर एक मशीन है, जो मनुष्य की तरह निर्णय लेने में सक्षम नहीं है क्योंकि कम्प्यूटर एक बुद्धिहीन मशीन है या सही गलत की पहचान नहीं कर सकता है अगर हम कम्प्यूटर को कोई भी कार्य करने को कहते हैं तो वह या निर्णय नहीं ले सकता कि यह कार्य गलत है, या सही यह कार्य उसे करना चाहिए या नहीं करना चाहिए

हमने क्या सीखा ध्यान रखने योग्य बिंदु
1 :- कंप्यूटर क्या है? :- कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन है, जिसे हम केलकुलेटर, टाइपराइटर तथा टेलीविजन का सम्मिलित रूप मानते हैं 
2 :- कंप्यूटर के विशिष्ट गुण :- (1) गति (2) कार्य के प्रति समर्पण (3) बहुमुखी प्रतिभा (4) तीव्र स्मरण शक्ति (5) मनुष्य के निर्देशों का पालन (6) निष्पक्ष करता (7) विश्वसनीयता (8) स्वचालन (9)संग्रहण क्षमता (10) शुद्धता 
3 :- कंप्यूटर का उपयोग :- (1) बिजनेस में (2) शिक्षा में (3) विज्ञान में (4) मेडिकल में (5) रक्षा में (6) खेल में (7) मनोरंजन के क्षेत्र में (8) बैंक में 
4 :- कंप्यूटर की सीमाएं :- (1) बुद्धिमता की कमी (2) स्वयं की रक्षा करने में असक्षम (3) विद्युत पर निर्भरता (4)वायरस से खतरा (5) स्वयं निर्णय लेने में कमी 

FAQs:

कंप्यूटर क्या है

कंप्यूटर विभिन्न प्रयोजनों वाला एक ऐसा शौचालय थे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है जो विभिन्न आंकड़ों का संसाधन करके अर्थपूर्ण सूचनाएं प्रदान करता है

कंप्यूटर के भाग

1). इनपुट यूनिट
2).सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट
3). आउटपुट यूनिट

कंप्यूटर की इनपुट युक्तियाँ

1).की-बोर्ड
2). इमेज स्कैनर
3). लेजर बीम स्कैनर
4). माउस
5). लाइट पैन
6). जॉयस्टिक
7). वेब कैमरा

सेण्ट्रल प्रोसेसिंग यूनिट के भाग

1)अर्थमैटिक लॉजिक यूनिट
2). कण्ट्रोल यूनिट
3). मैमोरी

आँकड़ों के संग्रह करने की युक्तियाँ

1).चुम्बकीय टेप
2). फ्लॉपी डिस्क
3). हार्ड डिस्क
4). कॉम्पैक्ट डिस्क

आउटपुट युक्तियाँ

1).मॉनीटर
2). प्रिंटर
3). प्लोटर
4). स्पीकर

अनुवादक प्रोग्राम

ऐसे प्रोग्राम, जो उच्चस्तरीय भाषा लिखे प्रोग्रामों का मशीनी भाषा में रूपान्तरण करते हैं, अनुवादक प्रोग्राम कहलाते हैं । अनुवादक प्रोग्राम प्रमुख रूप से तीन प्रकार के होते हैं—
1). असेम्बलर
2). कम्पाइलर
3). इंटरप्रेटर

4 thoughts on “कंप्यूटर क्या है इन हिंदी”

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