{2k23} 3D Printing कैसे काम करती है?

3D printing कैसे काम करती है?:- 3डी प्रिंटिंग एक येसी प्रक्रिया है जिसमे हम डिजिटल मॉडल को भौतिक वस्तुओं के रूप मे बदलते है। 3D Printing बनाने के लिये आपको प्लास्टिक या धातु जैसी सामग्री की लगातार परतें बिछानी पड़ती है।

3D प्रिंटिंग मूलतः वस्तु बनाने की एक ऐसी टेक्नोलॉजी है,  जिसका उपयोग करके हम लोग Three Dimensional ऑब्जेक्ट को बनाते है, सबसे पहले इसमे हम लोग Compter मे डिजिटल रूप मे इसे बनाते है और फिर उसके बाद3D प्रिंटर के द्वारा उसे भौतिक स्वरूप दिया जाता है?

3D Printing कैसे काम करती है?

3D Printing को एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग भी कहा जाता हैं, किसी भी प्रकार की 3D Printing बनाने के लिए आपको दो चीजों की जरूरत होगी पहली तो एक कंप्यूटर सिस्टम और दूसरी 3D पेंटिंग बनाने वाली मशीन

सबसे पहले आपको उस वस्तु का कंप्युटर पर एक 3D ऑब्जेक्ट डिज़ाइन करना होगा और फिर आपको अपने कंप्यूटर को 3D प्रिंटिंग मशीन से कनेक्ट करना होगा।

इसके बाद आपने जिसकी सॉफ्टवेयर पर उस ऑब्जेक्ट का पेंटिंग डिजाइन किया है, वहा पर  ‘प्रिंट’ बटन पर क्लिक करना है।

बस अब आपको कुछ नहीं करना है अब आपको मशीन के द्वारा बन रहे 3D Printing को देखना है की कही गलती तो नही हो रही है और आपको वस्तु के बनने तक इंतेजार करना है।

3 डी प्रिंटिंग की इस प्रक्रिया मे मशीन के द्वारा वस्तु डिज़ाइन करने के लिये वस्तु को हजारों छोटे-छोटे स्लाइस में बदलती है। फिर इन स्लाइस को नीचे से ऊपर की ओर एक के ऊपर एक रख कर बनाती है।

इसके बाद ये सभी छोटी-छोटी लेयर्स आपस मे मिल कर एक बड़े सॉलिड वस्तु का निर्माण करती है। वस्तु की सभी लेयर बहुत मजबूत होती है।

इस लिये आप इससे मजबूत से मजबूत वस्तु भी Print कर सकते है।

3D Printing क्या है?

3D प्रिंटिंग एक ऐसी टेक्नोलॉजी है जिसकी सहायता से आप किसी भी वस्तु की एक वास्तविक प्रिंटिंग बना सकते हैं। 3D Printing में किसी भी वस्तु की प्रिंटिंग बनाने के लिए किसी भी इंसान की जरूरत नहीं पड़ती है।

इसमें आपको कुछ खास मशीनों की जरूरत पड़ती है। जिनकी सहायता से आप किसी भी वस्तु को बना या प्रिंट कर सकते है।

अन्य शब्दों में कहें तो 3D प्रिंटिंग एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें किसी डिजिटल मॉडल का उपयोग करके तीन डाईमेंशन वाले भौतिक वस्तु को मशीनों के द्वारा तैयार किया जाता है।

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3D Printing से हम क्या क्या बना सकते है?

वैसे तो आज के समय में देखा जाए तो टेक्नोलॉजी इतनी एडवांस हो चुकी है कि आप अब 3D प्रिंटिंग से कोई भी चीज बहुत ही आसानी से बना सकते हैं।

आप 3D Printing से सिरेमिक कप से लेकर प्लास्टिक के खिलौने, मशीन के पार्ट्स, फूलदान, चॉकलेट केक और यहां तक ​​कि मानव शरीर के अंगों को भी बनाया जा सकता है। यहाँ तक की अब 3D Printing से बहुत कठिन आकार वाली वस्तुओं को भी बनाया जा सकता है।

आप इसकी मदत से और भी चीजे जैसे बाइक, हैंडलबार, काठी, फ्रेम, पहिए, ब्रेक, पैडल और चेन आदि भी प्रिंट कर सकते हैं।

3D Printing के फायदे क्या है?

  • 3 डी प्रिंटिंग से आप सस्ती और सुंदर वस्तु कम समय मे बना सकते है।
  • इससे आप कठिन से कठिन आकार वली वस्तु बहुत ही आसानी से बना सकते है।
  • इसमे आपको महंगी चीजो को बहुत ही कम कीमत मे बना सकते है।
  • इसमे आप बहुत ही आसानी से अपनी पसंदीदा वस्तु को बना सकते है।
  • 3 डी प्रिंटिंग बहुत ही तेज काम करती है जो काम करने मे अन्य मशीन 2 से 3 महीने लेती है वही ये मशीन सिर्फ उसी काम को 3 से 4 हफ्तो मे ही कर देती है।
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3D Printing के नुकसान

  • यह टेक्नोलॉजी Starting में बहुत ही महंगी पड़ जाती है।
  • 3D प्रिंटिंग को चलाने के लिए आपको विशेष ज्ञान की आवश्यकता पड़ती है।
  • इसमें वस्तुओं को बनाने के लिए प्लास्टिक का प्रयोग किया जाता है जो गर्मी के संपर्क में आने पर पिघल जाते है।
  • 3 डी प्रिंटेड पार्ट की फिज़िकल प्रॉपर्टी इतनी अच्छी नहीं होती, क्योंकि इन्हे एक लेयर बाय लेयर बनाया जाता है।
  • बड़े पैमाने पर 3 डी प्रिंटिंग परंपरागत मशीनों से तुलना नहीं कर सकती.
  • यदि हम इसमें सही पैमाने पर पार्ट्स बनाना चाहे तो नहीं बना इसमे बनाए गए पार्ट्स की त्रुटि को ठीक नहीं किया जा सकता है।
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FAQ:-

3 डी प्रिंटिंग मे इस्तेमाल किये जाने वाले मटेरियल

3 डी प्रिंटिंग मे मुख्य रूप से 6 प्रकार के मटेरियल का इस्तेमाल किया जाता है-
(1).पॉलीमर्स, (2).मेटल, (3).कान्क्रीट, (4).मेटल, (5).कान्क्रीट, (6)सेरामिक्स

3D प्रिंटर की कीमत कितनी लगती है?

साधारण 3D प्रिंटर किट की कीमत 15000 रूपये से शुरू होती। वहीं Hobbyist 3D printers की कीमत 35000 से लेकर 125000 रूपये तक होते है। .जबकि एक प्रोफेशनल FDM 3D प्रिंटर की शुरुवात ही लगभग 200000 रूपये से होती है। और बड़े पैमाने वाले FDM प्रिंटर्स 300000 रूपये से शुरू होते है।

3D प्रिंटिंग कैसे काम करती है?

3D प्रिंटिंग मूलतः वस्तु बनाने की एक ऐसी टेक्नोलॉजी है,  जिसका उपयोग करके हम लोग Three Dimensional ऑब्जेक्ट को बनाते है, सबसे पहले इसमे हम लोग Compter मे डिजिटल रूप मे इसे बनाते है और फिर उसके बाद3D प्रिंटर के द्वारा उसे भौतिक स्वरूप दिया जाता है?

3d प्रिंटिंग का उपयोग कहां किया जाता है?

आप 3D Printing का उपयोग सिरेमिक कप से लेकर प्लास्टिक के खिलौने, मशीन के पार्ट्स, फूलदान, चॉकलेट केक और यहां तक ​​कि मानव शरीर के अंगों को भी बनाया जा सकता है। यहाँ तक की अब 3D Printing से बहुत कठिन आकार वाली वस्तुओं को भी बनाया जा सकता है।

3D प्रिंटर कौन सा डिवाइस है?

3D प्रिंटिंग एक हार्डवेयर और आउटपुट डिवाइस है जो कंप्यूटर के द्वारा इनपुट लेता है और फिर इस इनपुट का एक भौतिक रूप में आउटपुट प्रदान करता है।

3D Printing कैसे काम करती है?