{New 2023} Web 3.0 Kya Hai और ये कैसे बदलेगा इंटरनेट को

दोस्तों क्या आप लोग जानते हैं कि Web 3.0 Kya Hai और कैसे काम करता है, Web 3.0 आगे आने वाले समय में Internet पर बहुत बड़ा तहलका मचाने वाला है, आपको Web 3.0 का इस्तमाल Metaverse Technology मे देखने को मिल जायेगा।

पिछले कुछ सालों से Web 3.0 के बारे में काफी सारी चर्चाएं सुनने को मिल रही है, की यह आने वाले Time मे Internet को बिल्कुल बदल कर रख देगा।

Metaverse Technology Web 3.0 पर ही Besed Technology है, Web 3.0 को Internet का एक New Generation कहा जा रहा है।

Web 3.0 Kya Hai

Web 3.0 Internet की तरह ही है, पर यह इंटरनेट से काफी ज्यादा बेहतर है, दूसरे शब्दों में कहें तो यह Internet का एक New Verson है।

Web 3.0 एक Decentralized यनी विकेंद्रीकृत प्रकार का Internet है। इसमे सभी Information ब्लाकचेन के माध्यम से एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचती है, ब्लाकचेन Technology का उपयोग Cryptocurrency मैं किया जाता है।

Web 3.0 में आपकी Information का कोई एक Company मालिक नहीं होगी बल्कि इसमें User खुद अपनी Information का मालिक होगा।

जैसे कि आप Google Use करते हैं लेकिन Google जब चाहे तब आपको सारी जानकारी अपने लिए Use कर सकता है लेकिन Web 3.0 में आपकी Information के सिर्फ आप ही मालिक होंगे, क्योकी इसकी सभी सेवाएं ब्लाकचेन पर काम करती है।

दोस्तों जैसे कि आज के समय में Google पर एक Website होती है, और उस Website का एक मालिक होता है और वह मालिक उस Website पर जो भी Text के रूप में Upload करता है आप उसी Text को ही देख पाते हैं।

लेकिन Web 3.0 में आप इन सभी चीजो से कुछ अलग कर सकते हैं, जो की है Artificial Intelligence पर Based Work करता है।

इसका मतलब है की जो Website Artificial Intelligence का Use करती है, वो Website Web 3.0 पर ही Based है, और उसी पर काम करती है।

Web 3.0 का इतिहास 

Web 3.0 का इतिहास चालू हुआ था 15 अगस्त, 1995 से तब Web 1.0 आया था, और उसके बाद सन 1999 से Web 3.O की सुरुआत हुई थी, फिर उसके बाद सन 2006 मे पहली बार Web 3.0 को भारत मे भी देखा गया।

Web 1.0 और Web 2.0 और Web 3.0 क्या अंतर होता है?

दोस्तों अब आप लोग जानेंगे कि Web 1.0 और Web 2.0 और Web 3.0 क्या-क्या अंतर है:-

1). Web 1.0 क्या है?

जब Internet बिल्कुल नया नया आया था, उस Time Internet पर बनी सभी Websites Web 1.0 के अंतर्गत आती है। जिन Website पर हम केवल उसमे दिये गये Content को Read ही कर सकते थे।

और Web 1.0 के अंतर्गत बनी सभी Websites देखने में भी बहुत बोरिंग लगती थी। क्योंकी Web 1.0 में Websites पर केवल Text ही Text दिखाई देता था।

Web 1.0 मे Websites पर Image, Video और Audio को देखना लगभग नामुमकिन ही था। और ना ही हम आज की तरह Web 1.0 में बनी Websites पर Comments कर सकते थे। और न ही login का कोई Option आता था।

Web 1.0 मे जब Users बोर होने लगे और उसमे काफी सारी कमिया आने लगी तब इसमे बहुत सारा सुधार किया जाने लगा फिर जिसके बाद शुरुआत हुई Web 2.0 की जिसका Use आप सभी लोग कर रहे है, और जिस पर अभी Internet चल रहा है।

2). Web 2.0 क्या है?

Web 2.0 की शुरुआत होते ही Internet काफी ज्यादा प्रसिद्ध होने लगा था। Web 2.0 की शुरुआत सन 1999 से हुई थी।

और फिर Web 2.0 के बाद से ही ज्यादा से ज्यादा Mobile Phone, Social Media, Cloud Computer की शुरुआत हुई जिसे ज्यादा तर Internet User Use करने लगा था।

Web 1.0 के मुकाबले Web 2.0 में बनी Websites पर हमे login का एक Option मिलने लगा जिस पर जा कर हम login भी कर सकते है।

और उस Website दिये हुये Content को Read करके उस पर Comment भी कर सकते है, इसके साथ – साथ Web 3.o की Help से हम Online Video देख सकते हैं, Game खेल सकते है।

और किसी भी Social Media पर अपनी Profile भी बना सकते है। और बड़ी-बड़ी Website जैसे की Amazon और Flipkart से Online Shoping भी कर सकते है।

और दोस्तो Social Medial Platform का भी जन्म Web 3.O मे ही हुआ था जो की Web 2.0 को एक कदम और आगे ले गया। जिसकी सहायता से हम घर बैठे ही दुनिया भर की सारी Update ले सकते है।

वेब 2.0 से कौन से काम हुए आसान

अभी आप जिस Website के Content को Read कर रहे हैं वो वेब 2.0 ही के अंतरगत आती है, Web 2.0 के जरिए आप अपनी बातों को  लोगों तक पहुंचाते हैं।

इसके साथ साथ Social Media का सारा काम Web 2.o के माध्यम से ही किया जाता है, क्योंकि इनसी ने ही सोशल मीडिया को बनाया किया है। 

इसके साथ साथ Web 1.o की तुलना मे जब भी आप किसी भी Website पर जाते है तो आपको एक Login का भी एक Option दिखाई देता है,  ताकि आने वाले समय में अगर आपको कोई जानकारी जाननी हो तो वो आपको आसानी से मिल जाए। 

3). Web 3.0 क्या है?

Web 3.0 भी एक Decentralized System ही है, जो Blockchain Technology पर ही काम करता है, जहाँ पर अपने data किसी भी एक Server पर Upload करते है, और Data के छोटे छोटे Nodes बना कर दुनियाभर मे Block के रूप मे फैला देते हैं।

जो Block के रूप मे हमारा सभी Data को Blockchain मे Store होता रहता है, क्योंकि इसे Hack करना लगभग नामुमकिन होता है। वही Centralized Server का Data Hacker आसानी से हैक कर लेता है।

Decentralized System का Use करने का सबसे बड़ा फायदा यही होता है कि हमारे Data का control किसी भी Company के पास नही होता है, बल्कि हमारे पास भी होता है। अगर किसी भी Company को हमारा Data Use करना है, तो पहले इनको हमारी Permission लेनी होगी।

Web 3.0 सबसे अलग क्यो है?

Web 3.0 के आने के बाद Internet को Control करने की ज्यादा से ज्यादा POwer आपके पास होगी आप अपने सभी content को खुद ही balance कर पाएंगे।

आपको आपके सभी Content का एक Proof I’D मिलेगा जिससे आप अपने Content को Internet के किसी भी Platform पर Publish क्यो ना करे आपके उस content का Control आपके पास ही होगा। 

उदाहरण के तौर पर यदि आप अपने किसी भी Social Media Platform पर जैसे कि Youtube, Facebook, Instagram, Linkedin और twitter पर किसी भी प्रकार का Content Publish करते है।

तो आपका वह Content उसी Platform का हो जाता है और वह Platform जैसे चाहे वैसे आपके Content को Manage और Use कर सकता है।

अभी के समय में सभी Social Media जब चाहे आपके Content को Delete कर सकता है लेकिन अब Web 3.0 में ऐसा कुछ नहीं होगा आप अपने Content को खुद ही मैनेज कर पाएंगे की उसे रखना है या Delete करना है।

Web 3.0 का उपयोग किस समय Crypto Currency में हो रहा है, और यह ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी का Use करती है, ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी में Crypto Currency का हिसाब किताब किसी एक कंपनी के पास न हो कर उन लोगों के पास होता है जो इस ब्लॉकचेन नेटवर्क में होते हैं।

Web 3.0 की विशेषताएं?

  • अपने यूजर्स के अनुभव के अनुसार मशीन लर्निंग के माध्यम से आसानी से डाटा को एक स्थान से दूसरे स्थान तक स्थान त्रित करने की सुविधा प्रदान करेगा।
  • डेटा स्वामित्व की सुविधा प्रदान करना।
  • Anti Monopoly And Data Protection.
  • सूचना तक आसानी से पहुचना।
  • अनुमति रहित ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी का उपयोग करना।

Web 3.o के क्या फायदा है?

  • ऑनलाइन Interface प्रदान करता है।
  • यह एक Decentralized System है।
  • प्राइवेसी बहुत ज्यादा होगी।
  • वेब 3.0 में डाटा किसी एक सरवर पर सेव नहीं होता। बल्कि ये अलग-अलग जगह सेव होता है। जिसके कारण आपको होस्टिंग की जरूरत नहीं पड़ती।
  • इसमे User अपने Data का संयम मालिक होता है।
  • इसमें ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी का यूज होता है जो कि हाई सिक्योरिटी प्रदान करती है।
  • आप इसकी सहायता से बिल्कुल real Life की तरह Video देखना, गाने सुनना, बाते करना, वीडियो कॉलिंग करना, मोबाइल रिचार्ज और भी पता नहीं क्याक्या कर सकते हैं।

वेब 3.0 का इस्तेमाल कैसे करें

वेब 3.0 का इस्तेमाल करने के लिये आपको एक टीएलडी डोमेन खरीदना होगा। इस तरह के डोमेन का रजिस्ट्रेशन नहीं होता। बल्कि इसका रिकॉर्ड ब्लॉकचेन में होता है। 

 जिसके बारे में कई लोग नहीं जानते हैं इसलिए इस्तेमाल भी नहीं करते हैं। लेकिन अगर आप चाहे तो इसको सीखकर इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे आपको काफी आसानी हो जाएगी। क्योंकि इसमें अबतक जो आपने इस्तेमाल किया है उन सबके साथ कुछ नया ट्राय कर सकते हैं।

FAQ :-

वेब 1.0 क्या है?

जब Internet बिल्कुल नया नया आया था, उस Time Internet पर बनी सभी Websites Web 1.0 के अंतर्गत आती है। जिन Website पर हम केवल उसमे दिये गये Content को Read ही कर सकते थे।

वेब 2.0 क्या है?

Web 2.0 की शुरुआत होते ही Internet काफी ज्यादा प्रसिद्ध होने लगा था। Web 2.0 की शुरुआत सन 1999 से हुई थी और Web 1.0 के मुकाबले Web 2.0 में बनी Websites पर हमे login का एक Option मिलने लगा जिस पर जा कर हम login भी कर सकते है।

वेब 3.0 क्या है?

Web 3.0 भी एक Decentralized System ही है, जो Blockchain Technology पर ही काम करता है, जहाँ पर अपने data किसी भी एक Server पर Upload करते है, और Data के छोटे छोटे Nodes बना कर दुनियाभर मे Block के रूप मे फैला देते हैं।

वेब 3.0 क्या है और इसके उपयोग क्या है?

वेब 3.0 इंटरनेट की तीसरी पीढ़ी है, जो मशीन लर्निंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर कार्य करती है जहां पर सभी वेबसाइट और ऐप स्मार्ट human की तरह कार्य करेंगे और वेब 3.0 का उद्देश्य ऑटोमैटिक, बुद्धिमान और ओपन सोर्स इंटरनेट बनाना भी है।

वेब 3.0 के उदाहरण?

वेब 3.0 के कुछ उदाहरण हैं? वोल्फ्राम अल्फा और एप्पल का सिरी

वेब 3.0 मे क्रिप्टोकरेंसी के नाम

पोलकाडॉट, बिट्टोरेंट, इंटरनेट कंप्यूटर, थीटा, फाइल कॉइन आदि।

वेब 3.0 कब आने वाला है?

वेब 3.0 साल 2010 आ चुका है। जिसके लिए आपको टीएलडी डोमेन खरीदना होगा और  इसका रिकॉर्ड ब्लॉकचेन में होता है।